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नरवाई से गो- ग्रास तक का सफर, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

नरवाई से गो- ग्रास तक का सफर, पर्यावरण संरक्षण और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई दिशा

नरसिंहपुर, 20 अप्रैल 2026. जहां समस्या होती है, वहीं समाधान भी जन्म लेता है- इस कहावत को नरसिंहपुर जिले ने साकार कर दिखाया है। जिस “नरवाई” (फसल अवशेष) को किसान पहले बेकार समझकर जला देते थे, वही आज जिले की गौशालाओं के लिए अमूल्य “गो- ग्रास” बन चुकी है। प्रशासन की दूरदर्शिता, युवाओं के नवाचार और किसानों के सहयोग ने मिलकर “भूसा बैंक” जैसी अनूठी पहल को जन्म दिया है, जो अब एक सफल मॉडल के रूप में उभर रही है।

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