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ग्राम रीछई में बोरी बंधान से बहते पानी को रोका गया, जल संरक्षण की दी गई मिशाल

नरसिंहपुर, 11 अप्रैल 2026. करेली विकासखंड की ग्राम पंचायत रीछई ने जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत ऐसा कार्य कर दिखाया है, जो पूरे जिले के लिए प्रेरणा बन गया है। यहां मृगननाथ जलाशय नाले पर 56 बोरियों से बोरी बंधान बनाकर बहते पानी को रोकने की अनूठी पहल की गई है।

       जिले में 30 जून 2026 तक चलाए जा रहे इस जल गंगा संवर्धन अभियान में “सुरक्षित जल- समृद्ध कल” की थीम को धरातल पर उतारते हुए ग्रामीणों ने सामूहिक श्रमदान से यह कार्य पूरा किया। जल स्रोत सेवा समागम एवं बावड़ी उत्सव के तहत किए गए इस प्रयास ने जनभागीदारी की सशक्त मिसाल पेश की है।

       बोरी बंधान के निर्माण से अब नाले का पानी संरक्षित होगा, जिससे गर्मी के दिनों में जल संकट से राहत मिलेगी। ग्रामीणों, पशु-पक्षियों और किसानों को इसका सीधा लाभ मिलेगा। भू-जल स्तर में सुधार होने के साथ ही किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी की उपलब्ध होगा। इस पहल का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि मृगननाथ धाम आने वाले श्रद्धालुओं के लिए अब जल की उपलब्धता सुनिश्चित होगी।

       यह सराहनीय कार्य मप्र जनअभियान परिषद नरसिंहपुर के तत्वाधान में नवांकुर संस्था आनंद समाज कल्याण समिति (केरपानी) एवं ग्राम विकास प्रस्फुटन समितियों के सहयोग से हुआ। इस अवसर पर सरपंच श्री देवेंद्र राज सिंह लोधी, अन्य समाज सेवी, पंचायती अमला सहित जनअभियान परिषद के प्रतिनिधियों और ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारी रही।

       ग्राम रीछई में हुए यह सामूहिक प्रयास साबित करता है कि यदि इच्छाशक्ति और सहभागिता हो, तो छोटे-छोटे कदम भी बड़े बदलाव की नींव रख सकते हैं। यह पहल “जल है तो कल है” के संदेश को साकार करती हुई अन्य गांवों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन गई है

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