नरसिंहपुर, 12 अप्रैल 2026. जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत विकासखंड गोटेगांव में अभियान को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से एक विस्तृत जल संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य जल संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना तथा अभियान में जन समुदाय की अधिक से अधिक सहभागिता सुनिश्चित कराना है। यह जल संवाद कार्यक्रम मप्र जनअभियान परिषद नरसिंहपुर के तत्वाधान में मुख्यमंत्री सामुदायिक नेतृत्व क्षमता विकास पाठ्यक्रम के अंतर्गत आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिला समन्वयक मप्र जनअभियान परिषद श्री जयनारायण शर्मा, परामर्शदाता व विद्यार्थी मौजूद थे।
जल संवाद कार्यक्रम के दौरान जल संकट की वर्तमान स्थिति, वर्षा जल संचयन, भू-जल स्तर में गिरावट तथा पारंपरिक जल स्रोतों के संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर गहन चर्चा की गई। वक्ताओं ने बताया कि जल संरक्षण केवल सरकारी योजनाओं तक सीमित न रहकर जनभागीदारी के माध्यम से ही सफल हो सकता है। इस अवसर पर प्रतिभागियों द्वारा स्वप्रेरित एवं स्वचित्रित गतिविधियों, चार्ट एवं प्रस्तुतीकरण के माध्यम से जल संरक्षण के विविध आयामों को रेखांकित किया गया। विद्यार्थियों ने जल बचाने के व्यावहारिक उपायों को प्रस्तुत करते हुए अपने विचार साझा किए। जलसंवाद के दौरान जल संरक्षण एवं संवर्धन को विशेष प्राथमिकता देते हुए एक ठोस कार्ययोजना तैयार करने पर बल दिया गया। इसमें खेत तालाब निर्माण, सोकता गड्ढे, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग, नालों एवं कुओं का पुनर्जीवन तथा वृक्षारोपण जैसी गतिविधियों को अपनाने की आवश्यकता बताई गई। साथ ही व्यक्तिगत, पारिवारिक एवं सामुदायिक स्तर पर समन्वय स्थापित कर जल संरक्षण के कार्यों को सतत एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के निर्देश दिए गए।
सीएमसीएलडीपी पाठ्यक्रम के विद्यार्थी अपने-अपने ग्रामों में सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से जल संरक्षण से जुड़ी गतिविधियों को क्रियान्वित करेंगे। इसके अंतर्गत ग्रामीणों को जागरूक कर श्रमदान के माध्यम से जल संरचनाओं का निर्माण तथा जल बचत के प्रति व्यवहारिक परिवर्तन लाने पर विशेष ध्यान देंगे। कार्यक्रम में सभी उपस्थितजनों ने जलगंगा संवर्धन अभियान को जन-जन तक पहुँचाने, जल स्रोतों के संरक्षण हेतु सक्रिय भूमिका निभाने एवं जल बचाने के लिए सतत प्रयास करने का सामूहिक संकल्प लिया।
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