दृष्टि योजना के तहत पंख कार्यक्रम के अंतर्गत स्वैच्छिक संगठनों के पदाधिकारियों व कार्यकर्ताओं के साथ बैठक सम्पन्न
नरसिंहपुर, 28 अप्रैल 2026. कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह ने कहा कि शासन की योजनाओं को सफल बनाने में जन सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान को सफल बनाने के लिए जल संचय, वर्षा जल संरक्षण एवं जल स्रोतों के पुनर्जीवन के लिए सामूहिक प्रयास करने का आव्हान किया। साथ ही पौधरोपण को जन अभियान के रूप में अपनाने, गौ संरक्षण व उनके संवर्धन को बढ़ावा देने और मधुमेह जैसे रोगों से पीड़ित व्यक्तियों के लिए संतुलित एवं पोषण आहार उपलब्ध कराने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता बताई।
कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह की अध्यक्षता में मंगलवार को कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में मप्र जनअभियान परिषद के तत्वाधान में संचालित दृष्टि योजना के तहत पंख कार्यक्रम के अंतर्गत विभिन्न विभागों के अधिकारी, जिला पंचायत के प्रतिनिधि तथा जिले से आए स्वैच्छिक संगठनों के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ताओं के साथ बैठक सम्पन्न हुई।
कलेक्टर श्रीमती सिंह ने बैठक में कहा कि सड़क सुरक्षा के लिए दोपहिया वाहन चलते समय हेलमेट का उपयोग करना व्यक्तिगत सुरक्षा ही नहीं, बल्कि सामाजिक जिम्मेदारी भी है। उन्होंने सभी से हेलमेट का उपयोग करने तथा दूसरों को भी जागरूक करने का आग्रह किया। कलेक्टर ने जैविक एवं पारंपरिक कृषि पद्धतियों को अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जैविक खेती से भूमि की उर्वरता बनी रहती है। उन्होंने मध्यप्रदेश जन अभियान परिषद द्वारा स्वैच्छिक संगठनों को प्रोत्साहित करने के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इस प्रकार के सामूहिक प्रयास समाज को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश ने नदी पुनर्जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि जलग्रहण क्षेत्रों में जल संरचनाओं का निर्माण एवं जीर्णोद्धार करना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने इस दिशा में सामुदायिक सहभागिता बढ़ाने तथा जनजागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता पर बल दिया, जिससे जल संरक्षण के प्रयासों को स्थायित्व मिल सके। जिला समन्वयक मप्र जनअभियान परिषद श्री जयनारायण शर्मा ने पॉवर प्वाइंट प्रजेंटेशन के माध्यम से परिषद के कार्यों, शासन की योजनाओं, अभियानों व कार्यक्रमों की उपलब्धियों की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि परिषद की विभिन्न समितियों के माध्यम से शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने का कार्य कर रही है।
बैठक में स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने सुझाव देते हुए कहा कि इस प्रकार की समन्वय बैठकें त्रैमासिक रूप से कलेक्टर की अध्यक्षता में आयोजित की जाएं, ताकि विभिन्न संगठनों एवं प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित हो सके और विकास कार्यों को गति मिल सके। विभिन्न स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने अपने-अपने संगठनों द्वारा किए जा रहे कार्यों का संक्षिप्त प्रस्तुतीकरण दिया। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण व जल संरक्षण एवं संवर्धन, महिला सशक्तिकरण एवं ग्रामीण विकास जैसे विषयों पर अपने अनुभव साझा किए। जनहित एवं पर्यावरण संरक्षण को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव भी प्रस्तुत किए। इस दौरान जनगणना- 2027 के तहत स्व-गणना पर भी चर्चा की गई, जिसमें सभी उपस्थितजनों से अपने एवं अपने परिवार की जानकारी ऑनलाइन माध्यम से दर्ज करने का आग्रह किया, ताकि शासन की योजनाओं का लाभ पात्र हितग्राहियों तक प्रभावी रूप से पहुंचाया जा सके। बैठक में श्रीमती निशा सोनी, श्रीमती स्नेहलता श्रीवास्तव सहित बड़ी संख्या में महिला संगठनों और अन्य स्वैच्छिक संगठनों के प्रतिनिधि मौजूद थे
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