अम्बेडकर जयंती पर युवाओं को दिया संदेश- शिक्षा ही सबसे बड़ा अस्त्र
नरसिंहपुर, 14 अप्रैल 2026. प्रदेश शासन के पंचायत एवं ग्रामीण विकास व श्रम मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी की जयंती पर नमन करते हुए देश हित में उनके महत्वपूर्ण योगदान के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर जी के बारे में जरूर पढ़ें और उनके द्वारा देशहित में किए गए योगदान को समझें। डॉ. अम्बेडकर ने कहा था कि शिक्षा का अस्त्र जिसके पास है, तो उसे कोई पीछे नहीं हटा सकता और वह अन्याय भी नहीं होने देगा। डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने उच्च शिक्षा प्राप्त की और देश के संविधान के निर्माता बनें। डॉ. अम्बेडकर का जीवन विपरीत परिस्थिति में रास्ता निकालकर आगे बढ़ने का उदाहरण है, जो आज सभी के लिए महत्वपूर्ण प्रेरणादायक है। उन्होंने बताया कि उनके संघर्ष में उनकी पत्नि का भी महत्वपूर्ण योगदान रहा है। मंत्री श्री पटेल ने डॉ. अम्बेडकर की जन्म स्थली से लेकर मृत्यु तक के प्रमुख स्थानों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि डॉ. अम्बेडकर की जन्म स्थली महू में उनकी स्मृति में भव्य स्मारक बनाया गया है। डॉ. अम्बेडकर ने जहां शिक्षा प्राप्त की है, उसका नाम शिक्षा तीर्थ रखा गया है।
मंत्री श्री पटेल मंगलवार 14 अप्रैल को शासकीय उत्कृष्ट विद्यालय नरसिंहपुर में आयोजित जिला स्तरीय डॉ. भीमराव अम्बेडकर की जयंती समारोह कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। मंत्री श्री पटेल के आगमन पर उनका फूल मालाओं से भव्य स्वागत किया गया। उन्होंने डॉ. भीमराव अम्बेडकर के चित्र पर दीप प्रज्जवलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर छात्र- छात्राओं के द्वारा सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए और राष्ट्रीय गीत वंदे मारतम् का सामूहिक गायन किया गया। मंत्री श्री पटेल व अन्य अतिथियों ने डॉ. अम्बेडकर जी के जीवन पर आधारित प्रदर्शनी का अवलोकन किया।
मंत्री श्री पटेल ने डॉ. अम्बेडकर के जीवन से जुड़े प्रमुख स्थलों को पंचतीर्थ नाम से संबोधित किया। उन्होंने बताया कि संविधान में केन्द्र व राज्य की संरचना की गई है और उनके अधिकारों का वर्णन किया गया है। जिससे केन्द्र व राज्य में समन्वय बना रहे। उन्होंने सामाजिक उत्तरदायित्व, पिछड़ापन, शिक्षा, आर्थिक स्थिति के बारे में भी उनके द्वारा किए गए योगदान के बारे में बताया। मंत्री श्री पटेल ने इस अवसर पर 1842 ई. में नरसिंहपुर जिले के हीरापुर के राजा हिरदेशाह लोधी द्वारा अंग्रेज सरकार के विरूद्ध किए गए विद्रोह के बारे में जानकारी दी। उन्होंने इतिहास के पन्नों में सन् 1842 से लेकर 1942 तक आजादी की लड़ाई को प्रमुखता से बताया।
मंत्री श्री प्रहलाद सिंह पटेल ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बताया कि डॉ. भीमराव अम्बेडकर ने प्रारंभिक शिक्षा भारत में पूर्ण करने के बाद लंदन में जाकर डिग्रियां हासिल की। उन्होंने डॉ. अम्बेडकर की जन्म स्थली, शिक्षा केन्द्र, बौद्ध दीक्षा व उनकी मृत्यु स्थलों के बारे में विस्तार से बताया। डॉ. अम्बेडकर के समक्ष सामाजिक उत्तरदायित्वों के साथ-साथ जब आरक्षण का सवाल आया तब उन्होंने जिन बारिकी से बात की है, वह देखने की जरूरत है। मंत्री श्री पटेल ने कहा कि संविधान को पढ़ोगे, तो आपको ऐसा लगेगा कि आप वर्तमान में जी रहे हैं। देश को चलाने का एक ही मार्ग है और वो है देश का संविधान। उन्होंने कहा कि हमें डॉ. भीमराव अम्बेडकर के विचारों को अपनाना चाहिए कि गरीबी प्रतिभा को निखारने से नहीं रोक सकती, इसका उदाहरण डॉ. अम्बेडकर का सम्पूर्ण जीवन है। कार्यक्रम को तेंदूखेड़ा विधायक श्री विश्वनाथ सिंह पटेल, कलेक्टर श्रीमती रजनी सिंह व श्री रामसनेही पाठक ने भी संबोधित किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती ज्योति नीलेश काकोड़िया, जिला पंचायत उपाध्यक्ष श्रीमती अनीता राजेन्द्र ठाकुर, सीईओ जिला पंचायत श्री गजेन्द्र सिंह नागेश, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री संदीप भूरिया, महंत प्रीतमपुरी गोस्वामी, सहित अन्य जनप्रतिनिधि, अधिकारी-कर्मचारी, गणमान्य नागरिक व विद्यार्थी मौजूद थे
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